संकट को सलाम! (based on Guests)

अतिथि का नाम, संकट को सलाम, सलामी मेरी झूठी, क्या यही करू मे काम? आए दिन वक़्त नही मिलता, खाने का ना कोई नाम, कैसे करू मे फुलो से सलाम, जब टुकड़े टुकड़े है मेरे प्राण? जाना है कही इधर उधर, तब दखल देते अतिथि इधर इधर! नाम नही लेते जाने का, और खा जाते है मेरे प्राण. The above […]

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